श्रीहरिकोटा : अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज सोमवार सुबह भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान से नेविगेशन सैटेलाइट ‘नाविक’ एनवीएस-1 को लॉन्च किया है। यह सैटेलाइट खासकर सशस्त्र बलों को और ताकत देगा। नौवहन सेवाओं की निगरानी के लिए इसे बनाया गया है। भारत के अपने पोजिशनिंग सिस्टम ‘नाविक’ से लैस होकर जवान और सशक्त व घातक साबित होंगे। नाविक अमेरिकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टमका जवाब है। नाविक का इस्तेमाल स्थलीय, हवाई और समुद्री परिवहन, लोकेशन-आधारित सेवाओं, निजी गतिशीलता, संसाधन निगरानी, सर्वेक्षण और भूगणित, वैज्ञानिक अनुसंधान, समय प्रसार और आपात स्थिति में होगा। नाविक एसपीएस सिग्नल अमेरिकी ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम सिग्नल, जीपीएस, रूस से ग्लोनास, यूरोपीय संघ के गैलीलियो और चीन के बेईदोऊ के साथ इंटर ऑपरेबल बताया गया है।
नेविगेशन सैटेलाइट एनवीएस-1 लॉन्च

