चंडीगढ़ : चमकौर साहिब के विधायक चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब की सत्ता का भार अपने कन्धों पर ले लिया है और आज सुबह पंजाब के नवनिर्वाचित सीएम पद की शपथ ली है। चरणजीत सिंह चन्नी प्रदेश के पहले दलित मुख्यमंत्री बनें है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भाजपा की तर्ज पर पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की थी। भाजपा की ही तरफ कांग्रेस का यह फैसला बेहद आश्चर्यजनक हैं। चन्नी को सीएम बनाने के लिए कांग्रेस को कई दिग्गजों को किनारे किया और उन्हें सीएम की कुर्सी पर बैठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी को बधाई दी। मोदी ने कहा कि पंजाब के लोगों की भलाई के लिए पंजाब सरकार के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। चन्नी के सीएम बनने के बाद बसपा सुप्रीमों मायावती ने उन्हें शुभकामनाए दी हैं। दलित वर्ग को कांग्रेस से सावधान रहने को भी कहा। मायावती ने कहा कि सीएम बनाना कांग्रेस का चुनावी हथकंडा है। अब थोड़ी देर में मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात करने के लिए सिसवां स्थित उनके आवास पर जाएंगे। उनके साथ और कौन कैप्टन से मिलने जाएगा, ये अभी स्पष्ट नहीं है।राहुल गांधी राजभवन पहुंच चुके हैं। उनके साथ हरीश रावत और अजय माकन भी चन्नी को बधाई देने पहुंचे। कांग्रेस पार्टी से राहुल ने भी चन्नी बधाई दीं हैं। सीएम चरणजीत चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के शपथ लेने के बाद राहुल गांधी राजभवन पहुंचे। वहीं ओमप्रकाश सोनी ने भी शपथ ली। सीएम चरणजीत चन्नी के साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी शपथ ली। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला दलितों का बड़ा हिस्सा डेरों से जुड़ा हुआ है। चुनाव के समय यह डेरे अहम भूमिका निभाते हैं। नए मुख्यमंत्री के जरिए कांग्रेस पार्टी को ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत आधार मिलेगा। दोआबा क्षेत्र में रहने वाले अधिकतर दलित परिवारों का एक सदस्य एनआरआई है। इस नाते वह आर्थिक रूप से काफी संपन्न भी हैं। हालांकि पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के समारोह में हिस्सा लेने पर संशय है।
पंजाब मुख्यमंत्री बनें चरणजीत सिंह चन्नी,रंधावा और ओमप्रकाश सोनी ने भी ली शपथ

