देहरादून: उत्तराखंड में रविवार को मसूरी से देहरादून आने वाली बस खाई में गिर गई। इस हादसे में 28 यात्री बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हे इलाज के लिए दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल यात्रियों को इस दौरान दर्द से कराहते हुए देखा गया। वहीं रविवार को अस्पताल की ओपीडी बंद होने के चलते पीड़ितों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दरअसल एक्सीडेंट के फौरन बाद सभी घायलों को हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल किया गया. रविवार के चलते इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की कमी थी। जिस वजह से घायलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। घायलों को एक्स-रे कराने के लिए ही काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। बता दें कि दुर्घटना के बाद 28 घायल यात्रियों को अस्पताल लाया गया था। इसमें 2 से 18 साल की उम्र के 9 बच्चे भी शामिल थे। जब सभी घायल अस्पताल पहुंचे तो वहां घायलों को अटेंड करने के लिए नर्स और वार्ड ब्वॉय की भारी कमी दिखी। घायलों को सही से समय पर अटेंड करने के लिए पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं था। एक घायल महिला यात्री ने बताया कि उसके सिर और मुंह पर चोट आई है, लेकिन इसके बावजूद भी उसे 2 घंटा इंतजार करने के बाद इलाज मिला। वहीं एक अन्य घायल व्यक्ति ने बताया कि उसे इमरजेंसी में एक्स-रे के लिए काफी देर तक वेट करना पड़ा था।
मसूरी हादसे में अस्पताल की बड़ी लापरवाही,मरीज़ों ने सुनाई आपबीती

