इंदौर: भगवान राम का जन्मोत्सव यानी रामनवमी गुरुवार को बड़े ही धूमधाम से देश भर में मनाया गया। इसी बीच इंदौर के एक मंदिर में आयोजित हवन के दौरान पुरातन बावड़ी की छत अचानक धंस गई। जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। जिसमें 30 से ज्यादा लोग 40 फीट गहरी बावड़ी में गिर गए। हादसे में 10 महिलाओं समेत 14 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। वहीं, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जांच में हादसे के पीछे निजी मंदिर प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि बावड़ी पर मंदिर निर्माण को लेकर एक साल पहले प्रशासन ने आपत्ति जताई थी। सरकार की आपत्ति के बाद भी मंदिर में निर्माण किया जा रहा था. बिना स्वीकृति निर्माण हादसे का कारण बना है। चेतावनी के बाद भी मंदिर प्रबंधन ने प्रशासन अनदेखी की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि 60 साल पुराने इस मंदिर में हर त्योहार पर भव्य आयोजन किया जाता रहा है। अभी पिछले दिनों ही शिवरात्रि पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें कई लोगों ने हिस्सा भी लिया था। वहीं इस मंदिर का निर्माण पूर्व पार्षद सेवाराम गलानी ने कराया था। इस मंदिर में बचपन से दर्शन को आते रहे हैं, लेकिन अंदर बावड़ी होने की जानकारी तब लगी, जब आज हादसा हो गया।
इंदौर में हुए हादसे के लिए मंदिर प्रबंधन ज़िम्मेदार

