देहरादून : आज कैंसर बीमारी एक ख़तरनाक रूप ले चुकी है। कभी मरीज़ को इस बीमारी का बहुत देर से पता चलता है तो अगर इसका पता भी चल जाए तो इस बीमारी का इलाज़ महंगा होता है , जो आम जान की पहुंच से बहुत दूर होता है। और इस बीमारी के लिए व्यापक अस्पताल नहीं होने से पहाड़ी राज्यों के लोगों को इसका उपचार भी नहीं मिल पाता है। लेकिन उत्तराखंड में जानलेवा बीमारी से बचाव और उपचार के लिए कैंसर नियंत्रण बोर्ड का गठन किया जाएगा। इसके लिए शासन एक बोर्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड बनने के बाद प्रदेश में कैंसर मरीजों का डाटा प्रबंधन और इसकी शुरुआत में ही पहचान और इलाज़ के लिए प्रभावी रणनीति पर काम किया जाएगा।
प्रदेश के सभी जिलों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी , एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत चलाए गए राष्ट्रीय कैंसर, ह्रदय रोग, मधुमेह, स्ट्रोक नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम , गैर संचारी रोगों जैसे कैंसर व अन्य के रोकथाम के लिए काम किया जा रहा है। प्रदेश में कैंसर मरीजों को कीमोथैरेपी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हरिद्वार ,देहरादून ,उधमसिंह नगर , टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी और चमोली में कैंसर डे केयर सेंटर संचालित किए जाएंगे ।

