आज सुबह तड़के ही जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की जिसे हमारे सैनिकों ने नाकाम कर दिया और एक आतंकी को मार गिराया। ख़त्म हुए दहशतगर्द का शव भी बरामद हो गया है। इस घटना की पुष्टि सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद नें खुद की है। उन्होंने इस पूरी घटना की जानकारी जारी की है।
उन्होंने बताया है कि आज (सोमवार)सुबह तड़के नियंत्रण रेखा के पार से आतंकवादी ने पुंछ सेक्टर में घुसपैठ करने का प्रयास किया, अलर्ट सैनिकों द्वारा चुनौती दिए जाने पर आतंकवादी के साथ मुठभेड़ शुरू हुई। जिसमें आतंकवादी को सैनिकों ने ढेर कर दिया। मारे गए आतंकी के पास से मिली है और अभी भी इलाके में ऑपरेशन जारी है।अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद जम्मू-कश्मीर में भी आतंकवाद के मोर्चे पर खतरा बढ़ा है। पता चला है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 38 दहशतगर्दों ने तालिबानी आतंकियों से प्रशिक्षण लिया है। अत्याधुनिक हथियार चलाने के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षित ये दुर्दांत आतंकी एक सप्ताह पहले पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के हजीरा में स्थित जैश के ट्रेनिंग कैंप में पहुंचे हैं। पुंछ के चक्कां दा बाग के सामने हजीरा कैंप में हलचल तेज होने की भी खबरे मिल रही हैं।
पुंछ का इलाका सीमा पार से आतंकी घटनाओं होने के लिए काफी नज़र पर है। आपको बतादें की खबरे ये भी है कि कोटली, हजीरा, बाग समेत कुछ अन्य इलाकों में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं। इस जिले से लगी एलओसी पर 20 से ज्यादा लॉंचिंग पैड के भी सक्रिय होने की सूचना है।
एलओसी से लगता इलाका काफी संवेदनशील है। गुलपुर, सलोत्री, चक्कां दा बाग आदि इलाकों से घने जंगलों के रास्ते घुसपैठ करना आसान होता है। वर्ष 2002 के आसपास अफगानी व सूडानी आतंकियों की पुंछ के इलाके में मौजूदगी भी रही है। कश्मीर के आईजी विजय कुमार का कहना है कि तालिबानी खतरे से निपटने में सुरक्षा बल पूरी तरह सक्षम हैं।

