हिमांचल में कांग्रेस को जीत का भरोसा : प्रियंका गाँधी

नई दिल्ली : गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो चली है. निर्वाचन आयोग दोनों प्रदेश में साल के अंत में संभावित विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की शुक्रवार को घोषणा कर सकता है। चुनाव आयोग ने आज इस सिलसिले में एक प्रेस कॉन्फेंस बुलाई है जिसमें चुनावी बिगुल फूंकने की संभावना जतायी जा रही है. हालांकि आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फेंस का मकसद नहीं बताया गया है।
हिमाचल प्रदेश की बात करें तो ये तीन भागों में बंटा हुआ है। पहला मंडी, दूसरा कांगड़ा जबकि तीसरा शिमला। पूरे प्रदेश में 12 जिले हैं। हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीट है। 2017 के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट पर नजर डालें तो 68 सीट में से 44 सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया था जबकि कांग्रेस के खाते में 21 सीटें आईं थीं। वहीं दो सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे जबकि सीपीआई (एम) ने एक सीट पर कब्जा जमाया था। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल को हार का सामना करना पड़ा था जिसकी वजह से पार्टी की किरकिरी भी हुई थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यपाल सिंह भी चुनाव हार गये थे। हालांकि चुनाव में भाजपा को बहुमत मिला था और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी. हिमाचल की राजनीति में बीते चार दशक से कोई भी सरकार दोबारा नहीं बनी है। इस बार हिमाचल में कांग्रेस को सरकार बनाने की पूरी उम्मीद है और आज ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रदेश के दौरे पर हैं।