हरिद्वार : सभी तरह से स्वच्छता सर्वेक्षण में हरिद्वार के देशभर के 382 शहरों में 330 वें पायदान और गंगा टॉउन श्रेणी में 75 शहरों में पहले नंबर पर आने की कहानी शहर के लोगों को हजम नहीं हुई क्यूंकि ओवरऑल स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। वहीं, गंगा टाउन श्रेणी के सर्वेक्षण के झोल पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्वच्छ गंगा शहर की श्रेणी में प्रथम स्थान पर आने पर शनिवार को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार दिया है। पुरस्कार शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल, मेयर अनीता शर्मा, डीएम विनय शंकर पांडेय और मुख्य नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने प्राप्त किया है। शहर से प्रतिदिन करीब 220 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। गंगा स्नान पर्व और अन्य मेलों के दौरान रोजाना 1200 मीट्रिक टन तक कूड़ा हो जाता है। राष्ट्रीय स्तर की ओवरआल रैंकिंग में पिछले साल 279वें स्थान पर रहा हरिद्वार इस वर्ष 300वें नंबर पर आ गया। लेकिन, गंगा किनारे एक लाख से अधिक आबादी के शहरों 70 अंक लेकर हरिद्वार पहले स्थान पर है।
हरिद्वार उत्तराखंड का सबसे गंदा शहर,पढ़े रिपोर्ट

