भारी बारिश के चलते राज्यों में कही सड़के ध्वस्त हैं तो कही कुछ परेशानियां हो रही है लेकिन उत्तराखंड में कई जिलों में भारी बारिश से बुरा हाल हो रहा हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने पौड़ी और नैनीताल में सबसे ज्यादा भारी बारिश की और आशंका जताई है। बारिश से जगह-जगह जन जीवन की अस्त व्यस्त तस्वीरें सामने आईं हैं। गंगोत्री नेशनल हाईवे पर हर जगह जलभराव हो रहा है लोगों को आवाजाही में भी दिक्कत हो रही हैं। पिथौरागढ़ में कई सड़कें और पुल ध्वस्त हुए हैं।
बीते दिन पिथौरागढ़ में शुक्रवार की रात से भारी बारिश से थल मुनस्यारी मोटर मार्ग में द्वालीगाड पुल ध्वस्त हो गया । इसके चलते यहां वाहनों का संचालन भी ठप हो गया है। लोग यहां जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। मुनस्यारी में सबसे अधिक 56 एमएम बारिश हुई। मलबा आने से पिथौरागढ़ – धारचूला नेशनल हाईवे लखनपुर के पास बंद है। गाड़ियां भी फसी हुईं हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि 24 घंटे में नैनीताल और पौड़ी में भारी से भारी बारिश को देखते हुए नदियों, नालों के किनारे बसे लोगों के साथ ही भूस्खलन संभावित इलाकों में सावधान रहने की जरूरत है।
70 एमएम, बागेश्वर में 37, गरुड़ में 38, कपकोट में 70 एमएम बारिश हुई।
बदरीनाथ हाईवे डांगबैड में मलबा आने से बंद हो गया है। टिहरी में भारी बारिश जारी है। जबकि हल्द्वानी में कालादूगी रोड जलमग्न है। मौसम विज्ञान ने आज पौड़ी और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना बताई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने पहली बार रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ में भी बहुत अधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। आज देहरादाओं में भी सुबह तड़के से ही भारी बारिश हो रही है।

