देहरादून: उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त देहरादून के पूर्व समाज कल्याण अधिकारी रामवतार को एसआईटी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। आपको बतादें कि यह मामला पिछले साल दर्ज हुआ था। जानकारी के मुताबिक़ इस पूरे मामलें में फर्जी प्रक्रिया से एससी/एसटी छात्रों के नाम पर करोड़ों की छात्रवृत्ति जारी की गई थी। मिलीभगत कर निजी कॉलेजों के मालिकान ने रकम हड़पी थी। जिसमें एक आरोपी को आज गिरफ्तार करके न्यायलय में पेश भी किया गया है।
लेकिन इस घोटाले में नैनीताल हाईकोर्ट ने आरोपित समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन कफोला की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। और बीते दिन शुक्रवार को सरकार को जवाब देने के आदेश भी दिए गए हैं। कोर्ट में न्यायामूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ के सामने सुनवाई हुई। समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन सिंह कफोला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रोकने के लिए प्रार्थना पत्र लगाया था। जिसके बाद गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगी है।
पुलिस स्टेशन जसपुर ऊधमसिंह नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर आरोप था कि ऊधमसिंह नगर में बतौर समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्होंने 2012-13 में शरन कॉलेज ऑफ एजुकेशन धुरकड़ी जिला कांगड़ा हिमाचल के फर्जी छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति जारी कराई थी।

