नई दिल्ली : आपको बतादें की एक अहम खबर मिली है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजानिक क्षेत्र के बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक पर रुख सख्त करते हुए ओवरसीज बैंक पर 57.5 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है और साथ ही आरबीआई की तरफ से बीते दिन शुक्रवार कहा गया कि यह सख्ती केन्द्रीय बैंक की ओर से तय कुछ मानदंडों और धोखाधड़ी होने की वजह से नियमों का पालन न किए जाने की वजह से की गयी है। खबर की मानें तो, आरबीआई की ओर से कहा गया है कि मार्च 2020 के आखिर में अपनी वित्तीय स्थिति के संदर्भ में बैंक के वैधानिक निरीक्षण और रिपोर्टों की जांच के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पर यह कार्रवाई हुई है।
नहीं दी गई पूरी जानकारी –
खबरों के मुताबिक़ बात सामने आई है कि केंद्रीय बैंक की तरफ से जो भी जानकारी प्राप्त कराई गई आईओबी पता लगने की तारीख से तीन सप्ताह के भीतर, एटीएम कार्ड क्लोनिंग/स्किमिंग से जुड़े धोखाधड़ी के कुछ मामलों की जानकारी देने में विफल रहा था। यह जुर्माना कमर्शियल बैंकों और चुनिंदा वित्तीय संस्थाओं की धोखाधड़ी-वर्गीकरण और रिपोर्टिंग पर आरबीआई की ओर से जारी निर्देशों से जुड़ा था। केंद्रीय बैंक की ओर से यह भी कहा गया है कि इस कार्रवाई का ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता से कोई संबंध नहीं है। इसमें रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट, इंस्पेक्शन रिपोर्ट और उससे जुड़ी चीजें सम्मिलित थीं।

