उत्तराखंड के इस गांव में रुके थे कभी स्वामी विवेकानंद, जानें कुछ अनसुनी बातें !

चम्पावत : गौरतलब है कि आज 12 जनवरी को पूरा देश विवेकानंद जयंती मना रहा है। वहीँ क्या आप जानतें हैं कि प्रदेश के चंपावत जिले में स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन प्रतिवर्ष बड़े धूमधाम से आयोजित होता है ऐसा िशेष तौर पर इस आयोजन को मनाने के पीछे आखिर क्या बात है ?  क्यूंकि स्वामी विवेकानंद 123 वर्ष पूर्व यहां आए थे। जो 14 दिन तक लोहाघाट स्थित मायावती आश्रम में थे थे और एक दिन के लिए वो चंपावत और एक दिन दियूरी में रुके थे।  जहां से 18 1901 को बैलूर मठ को जाते समय स्वामी विवेकानंद ने चंपावत जिले के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया था। चंपावत मुख्यालय और दियूरी गांव में भी एक रात के लिए रुके थे। राम कृष्ण मिशन की तरफ से प्रकाशित पुस्तक युग नायक विवेकानंद भाग तीन में हिमालय की अंतिम यात्रा का जिक्र करते हुए कहा गया है कि स्वामी तीन जनवरी को लोहाघाट स्थित मायावती आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने इस यात्रा के दौरान  दियूरी में एक रात बिताई थी और उसके बाद दूसरे दिन श्यामला ताल होते हुए टनकपुर की ओर रवाना हुए।चंपावत जिले के लोहाघाट स्थित मायावती आश्रम में अंतरराष्ट्रीय पत्रिका प्रबुद्ध भारत का संपादकीय कार्यालय है।

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