हरिद्वार के कनखल निवासी तथा रोशनाबाद में वकालत कर रहे अधिवक्ता ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह देर तक जब वे अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो पत्नी ने उन्हें उठाने का प्रयास किया, लेकिन जब कमरे के अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने अपने परिजनों के साथ पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर दरवाजा तोड़ा तो देखा कि कमरे में छत पर फंदा लगाकर अधिवक्ता सजल शर्मा का शव लटका हुआ था। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और कमरे की तलाशी ली। लेकिन उन्हें कोई सुसाइड नोट या अनुचित सामग्री नहीं मिली। इसके बाद शव को जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वहीं, पत्नी का रो—रोकर बुरा हाल है। लोगों ने बताया कि शादी के सात साल बाद भी कोई बच्चा न होने से वो परेशान थे, इसके अलावा कुछ दिनों से अज्ञात कारणवश भी वो मानसिक रूप से तनाव में बताये गए हैं।
उनके निधन पर उनके साथियों ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि सजल शर्मा ने कभी आर्थिक या अन्य कोई परेशानी के बारे में किसी से कोई चर्चा नहीं की।

