अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर दिखने लगा है कि इसी कड़ी में राज्य में लगातार बारिश के बाद कई जगहों में भूस्खलन और बाढ़ जैसा माहौल बन गया है। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक राज्य की सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसमें उफनती कामेंग नदी ने पूर्वी कामेंग जिले के मुख्यालय सेप्पा में कई घरों को बहा दिया। किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। राजधानी ईटानगर के डिवीजन IV इलाके में हुए भूस्खलन में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। वहीं कोलोरियांग विधायक पानी ताराम ने बताया कि रविवार को महत्वपूर्ण कुरुंग पुल पानी में बह गया, जिससे कुरुंग कुमे जिले से संपर्क टूट गया है। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि नामसाई और वाकरो के 34 गांव अब तक बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जिसके बाद से लोगों को सतर्क रहने और सभी एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है। पानी ने पूर्वी सियांग के पासीघाट, रुक्सिन, मिरेम और बिलाट क्षेत्रों के निचले इलाकों और निचले सियांग जिले के कुछ हिस्से जलमग्न है। सरकार के आदेश के अनुसार, मौसम की स्थिति को देखते हुए ईटानगर और आसपास के इलाकों के सभी स्कूलों को पांच दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
यहां भूस्खलन और बाढ़ का कहर, छह से ज्यादा जिलों में रेड अलर्ट

