कैब एग्रीगेटर नीति के लिए पोर्टल हुआ तैयार, इन कंपनियों को लाइसेंस जारी

दिल्ली सरकार की कैब एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता नीति के लिए पोर्टल तैयार किया गया है। 10 से अधिक कंपनियों को लाइसेंस भी जारी किए हैं इनमें ओला, उबर, जोमैटो, स्वीगी और अंकल डिलीवरी आदि कंपनियां शामिल हैं। विभाग के पोर्टल पर कंपनियों ने अपने वाहन का पंजीकरण करवा रही हैं। 90 दिनों के भीतर नई नीति के तहत सभी को सेवाएं देनी हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि नई नीति के तहत सेवा देने वाली कंपनियों को सही तरह से 2030 तक बेड़े के सभी वाहन इलेक्ट्रिक करने होंगे।

परिचालन शुरू होने के बाद से ही इनकी जांच का अभियान शुरू किया जाएगा, चूंकि योजना में एग्रीगेटर अपना किराया खुद तय करेगा, ऐसे में इसे लेकर आने वाली शिकायतों पर भी कंपनियों पर कार्रवाई होगी। आपको बतादें कि यदि कोई एग्रीगेटर नियमों का उल्लंघन करता है और बिना पंजीकृत किए कोई एग्रीगेटर डीजल या पेट्रोल के वाहन चला रहा है तो परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं बल्कि पहली बार में एक वाहन पर पांच हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना भी कर दिया जाएगा। कैब एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले वर्ष अक्तूबर में मंजूरी दी थी। इसे नवंबर में अधिसूचित किया गया था। नीति का मुख्य उद्देश्य बाइक टैक्सियों को वैध बनाना और ऐप आधारित एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं के व्यापक विनियमन और लाइसेंसिंग की रूपरेखा तैयार करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *