कोरोना के इलाज़ की एवज में ज़्यादा पैसे वसूलने की शिकायत पर आज देर रात हरिद्वार के ज़िलाधिकारी सी. रविशंकर द्वारा शहर केएक निजी अस्पताल में छापा मारने से हड़कम्प मच गया। दरअसल डीएम को पिछले लम्बे समय से सराय रोड पर स्थित नूतन ओजस अस्पताल के विषय में इस तरह की शिकायतें मिल रही थी।ज़िलाधिकारी ने आज देर रात प्रशासनिक अमले के साथ अस्पताल में छापा मारा। लम्बी छानबीन के बाद ज़िलाधिकारी सी.रविशंकर ने बताया की अस्पताल को कोरोना मरीज़ों के इलाज़ के लिए स्वीकृति नहीं दी गयीहै, साथ ही यहाँ इलाज़ के लिए आई.सी.एम.आर व एम्स की गाइडलाइनस का भी पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोविड- नॉन कोविड मरीज़ों के अलग अलग इलाज़ का भी कोई इंतज़ाम नहीं है। इससे कोरोना संक्रमणफैलने का ख़तरा है। डीएम ने कहा की ओजस हॉस्पिटल में छापे की कार्यवाही को अंजाम दिया गया है व प्रशासन की टीम यहाँ की व्यवस्थाओं व मनमानेदाम वसूलने के आरोपों की जाँच कर रही है। इसके बाद अस्पताल के ख़िलाफ़ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे अस्पतालों के ख़िलाफ़ एक दस्ते का गठन किया गया है जिसमें एक डॉक्टर, एक टैक्स विभाग का अधिकारी वपुलिस को शामिल किया गया है। उधर प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में इलाज़ के लिए मरीज़ों से एक बैड के 30 हज़ार रुपए प्रति दिन तक वसूले जा रहे थे। एकतरफ़ आमजन कोरोना महामारी के दौर में पहले से ही परेशान है वहीं कुछ अस्पताल इलाज़ के नाम पर तिमारदारों का उत्पीड़न कर पूरेपेशे को कलंकित कर रहे हैं।