New Delhi : केंद्र की जिस योजना पर पूरे देश में आगजनी से लेकर हिंसात्मक प्रदर्शन हुए, और अब सेना भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना जब हलकी पड़ी है तब वकील एम एल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस योजना के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट राजी भी हुआ है। इस मामले में सुनवाई अगले सप्ताह की जाएगी। वहीं दायर याचिका में कहा गया है कि दो साल से वायुसेना में नियुक्ति का इंतजार कर रहे लोगों को आशंका है कि उनका 20 साल का करियर चार साल में सिमट जाएगा।
इस याचिका में आगे कहा गया है कि साल 2017 में 70 हजार से अधिक छात्रों को ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद परफॉर्मेंस के आधार पर 25 फीसदी कर्मियों को वापस से रेगुलर कैडर के लिए नामांकित किया जाएगा। सशस्त्र बलों में आगे नामांकन के लिए चुने जाने का कोई अधिकार नहीं होगा। चयन सरकार का अनन्य क्षेत्राधिकार होगा।
ट्रेनिंग के बाद छात्रों को आश्वासन दिया गया कि नियुक्ति पत्र राजी किया जाएगा लेकिन अब इस योजना के लाए जाने के बाद से इनका करियर दांव पर है। वकीलों की दलील सुनने के बाद शीर्ष अदालत की बेंच सुनवाई के लिए तैयार हो गई। बेंच ने कहा कि याचिका को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

