नई दिल्ली : देश में कोरोना वायरस ने जहां हाहाकार मचाया वहीँ अब देश में इसके मामलों में उतार चढ़ाव के बीच अब पशुओ में लम्पी वायरस फैल गया है। लंपी वायरस ने देश में भयावह रूप अख्तियार हुआ है। वायरस ने 15 राज्यों के 251 जिलों तक पैर पसार कर 20.56 लाख से ज्यादा गोवंश को अपना शिकार बनाया है। करीब एक लाख गायों की मौत हुई है। राजस्थान में सर्वाधिक 13.99 लाख से ज्यादा गाय संक्रमित हैं और 64 हजार से अधिक की मौत हो चुकी है। इसका सीधा असर पशुपालकों व किसानों पर हो रहा है।
देश में 3.60 करोड़ से ज्यादा गोवंश अतिसंवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। जारी आंकड़ों की माने तो, 23 सितंबर की शाम तक 97,435 गायों की जान गई है। गैरआधिकारिक आंकड़े कहीं ज्यादा बताए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने गायों को बीमारी से बचाने के लिए राज्यों को टीकाकरण अभियान तेज करने को कहा है। लगातार एडवाइजरी भी जारी की जा रही है। वर्ष 2019 में लंपी से संक्रमण के शुरुआती मामले सामने आए थे। इस समस्या पर केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन व डेयरी राज्यमंत्री मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा, केंद्र लंपी वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान को रूटीन में शामिल करने पर विचार करेगा। उन्होंने बताया, टीका पूरी तरह मुफ्त लगवाया जाएगा। राज्यों को 1,38,58000 टीके की खुराकें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। 1.47 करोड़ खुराकें अभी उपलब्ध हैं। ‘रिंग वैक्सीनेशन’ कारगर साबित हो रहा है। इसके तहत लंपी संक्रमित गाय वाले गांव के 5 किमी के दायरे में समस्त पशुओं का टीकाकरण किया जाता है।
देश में एक लाख गायों की मौत,251 जिलों में फैला लम्पी वायरस

