: गौरतलब है कि यूपी के कानपुर में हाल ही में हुई हिंसा बेहद आक्रामक रूप ले चुकी है जिसमें जांच में सामने आया है कि सड़क पर हुई हिंसा व बवाल का दिन तीन जून इसलिए मुकर्रर किया गया था, क्योंकि इस दिन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री दौरे पर थे। इस हिंसा के पीछे पूरे देश को एक संदेश देने की मंशा थी। यह खुलासा खुद बवाल के साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी ने पुलिस की पूछताछ में खुद किया है।
बतादें कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने 26 मई को टीवी पर विवादित बयान दिया था। खबरों की मानें तो, हयाज जफर हाशमी से जब पुलिस ने पूछा कि 27 मई को भी जुमा था, तब प्रदर्शन क्यों नहीं किया। इस पर हयात ने कहा कि तीन जून को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री शहर आने वाले थे। जुमा भी था। इसलिए यही दिन बंदी के नाम पर बवाल के लिए तय किया था। पहले भी इस बात की आशंका थी लेकिन अब हयात ने खुदइसको स्वीकारा है और अब ये बात सामने आ चुकी हैं की ये दंगा जानबूझकर षड़यत्र के तौर पर किया गया था।कानपुरगौरतलब है कि यूपी के कानपुर में हाल ही में हुई हिंसा बेहद आक्रामक रूप ले चुकी है जिसमें जांच में सामने आया है कि सड़क पर हुई हिंसा व बवाल का दिन तीन जून इसलिए मुकर्रर किया गया था, क्योंकि इस दिन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री दौरे पर थे। इस हिंसा के पीछे पूरे देश को एक संदेश देने की मंशा थी। यह खुलासा खुद बवाल के साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी ने पुलिस की पूछताछ में खुद किया है।
बतादें कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने 26 मई को टीवी पर विवादित बयान दिया था। खबरों की मानें तो, हयाज जफर हाशमी से जब पुलिस ने पूछा कि 27 मई को भी जुमा था, तब प्रदर्शन क्यों नहीं किया। इस पर हयात ने कहा कि तीन जून को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री शहर आने वाले थे। जुमा भी था। इसलिए यही दिन बंदी के नाम पर बवाल के लिए तय किया था। पहले भी इस बात की आशंका थी लेकिन अब हयात ने खुदइसको स्वीकारा है और अब ये बात सामने आ चुकी हैं की ये दंगा जानबूझकर षड़यत्र के तौर पर किया गया था।
मकसद हुआ पूरा-
जब पुलिस ने आरोपी हयात जफर व उसके साथी जावेद,सूफियान व राहिल से अलग अलग पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि जिस तरह से नूपुर शर्मा ने विवादित बयान दिया है, भविष्य में ऐसा कोई न करे, इसलिए सख्ती के साथ विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि मकसद बात को देश के शीर्ष तक पहुंचाना था, जो पूरा भी हो गया है। उनका इशारा राष्ट्रपति, पीएम व सीएम की तरफ था।
मोबाइल में मिले कई सबूत-मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी के मोबाइल से अब राज खुलने लगे हैं। उसके मोबाइल में कुल 141 व्हाट्सएप ग्रुप प्राप्त हुए हैं। व्हाट्सअप ग्रुपों में बाजार बंदी और बवाल की बातचीत है। हिंसा के दिन का हर पल का अपडेट ग्रुपों में दिया जा रहा था।

