जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने कहा ,’भगवान राम और अल्लाह कभी खतरे में नहीं हो सकते’

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने आज कहा कि कश्मीर घाटी में लोगों को केवल वोट बैंक के रूप में ही इस्तेमाल किया जाता रहा है। यहां की जनता से सरकारें वादे तो करती हैं लेकिन उन वादों को कभी पूरा नहीं किया जाता। फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कश्मीरी पंडितों और मुस्लिमों के बीच दूरियां पैदा की गईं। और हिन्दू – मुसलमानों के बीच इस नफरत से सिर्फ और सिर्फ दुश्मनों का ही फायदा होगा। उन्होंने यह भी पूछा कि कश्मीर में जब पुलिस वाले ही सुरक्षित नहीं हैं , तो आम जनता कैसे सुरक्षित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिंसा से लोगों की मौत से सभी दुखी हैं।
राजनैतिक रोटियां सेकने वाले दलों से फ़ारुख़ ने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं तो कुछ पार्टियों को धर्म खतरे में लगने लगता है और चुनाव जीतने के लिए यह दल धार्मिक कार्ड खेलते हैं। बता दें कि जम्मू में नेशनल कांफ्रेंस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की तरफ से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था , इस गोष्ठी में फ़ारुख़ अब्दुल्ला समेत जम्मू कश्मीर के अन्य नेताओं नें भी भाग लिया था। इस मौके पर घाटी में कश्मीरी प्रवासी पंडितों की वापसी, पुनर्वास और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।