राज्य में पलायन हमेशा चर्चा का केंद्र बिंदु रहा है। पिछले वर्ष कोरोना महामारी की दस्तक के साथ ही बड़ी संख्या में प्रवासियों ने राज्य का रुख किया था। लेकिन इस साल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पलायन के आंकड़े नई कहानी पेश कर रहे हैं।
एसडीसी फाउंडेशन ने राज्य के पलायन आयोग द्वारा जारी आंकड़ो पर एक रिपोर्ट जारी की है। फाउंडेशन ने 1 अप्रेल 2021 से 5 मई 2021 तक के आंकड़ो का अध्ययन कर अहम जानकारी दी है।
एसडीसी के संस्थापक अनूप नौटियाल ने बताया कि इस अवधि में 53,092 लोगों ने राज्य स्थित अपने गांवो में वापसी की है। इनमे से 34,360 (64.7 प्रतिशत) लोग दूसरे राज्यों से आए हैं। वहीं 16,715 लोगों ने राज्य के अन्य जिलों से अपने गांवों का रुख किया। यानी इस बार पलायन का ट्रेंड राज्य के भीतर के जिलों के बीच भी देखने को मिला।
अनूप ने बताया कि गांवों की तरफ हुए इस पलायन को अवसर में बदला जा सकता है। यदि सरकार, जनता व औद्योगिक इकाइयां मिलकर प्रयास करें तो इस रिवर्स पलायन से विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है।

