नई दिल्ली : यूक्रेन में उपजे तनाव का हमारे देश पर भी दिखना शुरू हो गया है। युद्ध के खतरे के बीच यूक्रेन में इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे करीब 22 हजार भारतीय छात्रों को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहां पढ़ाई कर रहे ज्यादातर भारतीय छात्र आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और राजस्थान के हैं। इन छात्रों की देश वापसी के लिए राजस्थान के कांग्रेस नेता धर्मेश शर्मा ने दिल्ली स्थित राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर की गई है।
यूक्रेन में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली स्थित राष्ट्रपति सचिवालय में ने याचिका दायर की है। दायर याचिका में धर्मेश शर्मा ने कहा है कि भारत से करीब 22 हजार छात्र यूक्रेन के विभिन्न कॉलेजो /विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार की ओर से अभी तक उनके जीवन से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के करीब एक हजार से ज्यादा छात्र यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं। युद्ध के संकट के बीच यूक्रेन में रहकर पढ़ाई करने वाले ज्यादातर भारतीय छात्र पश्चिमी यूक्रेन में रहते हैं, जबकिइस समय ज्यादा तनाव पूर्वी, दक्षिण और सेंट्रल यूक्रेन पर बना है।बता दें कि भारत के मेडिकल के कॉलेजों में करीब 88 हजार सीटें हैं, जबकि इन कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए 8 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देते हैं। इस कारण मेडिकल की पढ़ाई करने वाले ज्यादातर छात्रों को भारत के कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिल पाता है। वहीं, यूक्रेन के मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को आसानी से यहां एडमिशन मिल जाता है।
यूक्रेन में भारतीय छात्रों के लिए ख़तरा,कांग्रेस नेता ने दायर की याचिका

