देहरादून : कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव प्रियंका गांधी ने उत्तराखंड में अपना घोषणा पत्र जारी किया है जिसमें क्या सौगाते जनता को देने की बात कही गई है,जिनमें आबादी-राज्य विकास में पूरी भागीदारी के वचन के साथ कांग्रेस ने महिलाओं को 51 घोषणाओं का तोहफा सौपा है। इसमें महिलाओं को नौकरियों में 40 प्रतिशत आरक्षण जैसे वादे के किए गए हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई बड़ी योजनाए शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस के प्रतिज्ञा पत्र में महिलाओं के लिए अलग से आठ पृष्ठों का विजन डॉक्यूमेंट भी मौजूद है। महिलाओं को उद्यमिता, रोजगार, स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कई बड़े गए हैं। महिलाओं को नौकरियों में 40 प्रतिशत आरक्षण से अपनी ओर लाने का प्रयास भी किया गया है। संस्थानों को टैक्स व बिजली दरों में छूट की घोषणा भी की गई है।
कांग्रेस ने अपने प्रतिज्ञा पत्र में कहा है कि शहरों और राजमार्गों में महिला क्राफ्ट व फूड कोर्ट स्थापित करने, महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए छोटे व लघु उद्योगों के तहत अलग से नीति निर्धारित करने, गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में एक-एक महिला उद्यमिता पार्क की स्थापना करने, नंदा देवी महिला हस्तशिल्प क्राफ्ट प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार करने का भी वादा भी पारी क्र रही है।
बेटियों के गठबंधन में बनेंगे सहारा –
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि सत्ता में आते ही अनाथ बच्चियों को विवाह पर तीन लाख रुपये, पितृहीन कन्या को दो लाख रुपये, मातृहीन कन्या को एक लाख और अन्य निर्धन कन्याओं को 51 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।
यह विभाग बस महिलाओं के-ये रहे मुख्य वादे-
बीते दिन जारी हुए कांग्रेस के प्रतिज्ञा पत्र में ये सबसे बड़ी बात कही गई है कि वह सात विभागों में सभी अधिकारी व कर्मचारीयों में सिर्फ महिलाओं को ही तैनात करेगी। पराग फार्म की 200 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले सिडकुल क्षेत्र को महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित किया जाएगा।
जिला मुख्यालय, राज्य मुख्यालय, प्रमुुख व्यावसायिक केंद्रों पर महिला छात्रावास की स्थापना की जाएगी। यहां एक महिलाओं के लिए रात्रिविश्राम की भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। मनरेगा में महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी। जो महिलाएं अपने खेतों में काम करती हैं, उन्हें भी मनरेगा श्रमिक मानते हुए उनकी मजदूरी भी सौपी जाएगी।
एकल महिलाओं, दिव्यांग महिलाओं के प्रशिक्षण और रोजगार के साधन मुहैया कराएगा। प्राथमिक स्तर से लकर ग्रेजुएशन, पीएचडी तक पढ़ाई पर सरकार आर्थिक सहयोग देगी। कामकाजी महिलाओं की उच्च शिक्षा और कौशल वृद्धि के लिए महिलाओं की ओर से संचालित ईवनिंग कॉलेज खोले जाएंगे।

