दलित और आदिवासी संगठनों ने आज बुधवार को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर बुलाया है। नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन्स’ ने मांगों की एक सूची भी जारी की है। इसमें सबसे अहम अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए न्याय और समानता की मांग हैं। आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में ‘आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति’ आज एक दिन का भारत बंद कर रही है।
एनएसीडीएओआर ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस फैसले को खारिज करना चाहिए , यह अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा है। जिसे संविधान की नौवीं सूची में समावेश के साथ संरक्षित किया जाए। “आज का जो प्रस्तावित भारत बंद है इसके संबंध में जालोरी गेट पर विभिन्न संगठनों के लोग आने शुरू हुए हैं।सभी लोगों से अपील की गई है कि वे प्रदर्शन को शांतिपूर्वक रखें।” बंद के चलते जयपुर, सीकर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, डीग, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, टोंक, भीलवाड़ा, नीम का थाना, कोटा, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़ और भरतपुर में स्कूल-कॉलेजों के साथ समस्त शैक्षणिक संस्थाओं में आज छुट्टी की घोषणा की गई है