उत्तरकाशी से 17 दिन बाद सभी श्रमिकों के बाहर आने का इंतज़ार और दुआएं कर रहे हैं। निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए रैट माइनर्स की टीम ने मैन्युअल ड्रिलिंग पूरी कर दी है और श्रमिकों तक पाइप पहुंच गया है। किसी भी वक्त श्रमिकों को बाहर निकल आने की खबर आ सकती है। यह खबर मिलते ही लखीमपुर खीरी के गांव भैरमपुर निवासी मंजीत की मां की आँखों में ख़ुशी दिखी। वो अपने बेटे का बेसब्री से बहुत इंतज़ार क्र रहीं हैं।
किसी भी समय बाहर आ सकते है श्रमिक, माँ कर रही मंजीत का इंतज़ार
मंजीत के पिता चौधरी उत्तरकाशी में ही पहुंचे हुए हैं। बेलराया इलाके से पांच किलोमीटर की दूरी पर जंगल किनारे बसे गांव भैरमपुर में मंजीत का परिवार रहता है। यहां उसके माता-पिता, दो बहनें और बूढ़े दादा रहते हैं। इन्हीं के भरण पोषण के लिए मंजीत उत्तरकाशी मजदूरी करनें आया था जिस दिन ये हादसा हुआ उसके ठीक दुसरे दिन ही पिता भी वहां पहुँच गए थे। बेटे के इंतजार में मां पिता की की बेचैनी बहुत हो चुकी है।

