साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण आगामी 28 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के अवसर पर लगेगा। चंद्र ग्रहण मध्य रात्रि में 1:04 बजे से 2:22 बजे तक लगा रहेगा। एक घंटे 18 मिनट तक लगने वाले चंद्र ग्रहण के पहले नौ घंटे सूतक काल होगा। इस दिन चंद्रमा बृहस्पतिर ग्रह के निकट होगा। आज मंगलवार यानी 24 अक्टूबर को चंद्रमा शनि ग्रह के निकट रहेगा। तारामंडल के निदेशक डॉ. वाई रवि किरन ने जानकारी दी है कि चंद्र ग्रहण को सामान्य तरीके से माना जा रहा है। इसका आंखों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बताया कि चंद्र ग्रहण की स्थिति तब बनती है, जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और इसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
थ्वी सूर्य की रोशनी को चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है, जिससे चंद्रमा लाल-भूरा या नारंगी रंग में दिखाई देता है। निदेशक ने कहा है कि भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित विश्व के कई हिस्सों में दिखाई देगा।माना जाता है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए। साथ ही चंद्र ग्रहण से पहले ही तुलसी की पत्ती को तोड़ लें और भोजन में डालकर भोजन रखें। कोई भी शुभ कार्य न करें।

