शहर की सड़कों पर आवारा घूम रहे पशु दुर्घटना को आमंत्रित कर रहें है। बीते कुछ समय से ऐसे पशुओं की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। ऐसा ही कुछ आलम उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में देखने को मिल जाता है। यही नही राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी गोवंश निराश्रित अवस्था में मिलते है।
धर्मनगरी में सैकड़ों सामाजिक संस्थाएं होने के बाद भी गौवंश की सुध लेने वाला कोई नही है।
★ सेवक भी निभाते है अपना धर्म
बहरहाल एक ओर जहां लोग इन गौवंश को मतलब निकल जाने के बाद मरने के लिए सड़कों पर छोड़ देते है वहीं दूसरी ओर कुछ सेवक भी अपना धर्म पूरा करते दिखाई देते हैं। सड़क किनारे कूड़े में खाना ढूंढते गौवंश की स्थिति दयनीय तो है ही लेकिन कुछ लोग रात के अंधेरे में अपना फर्ज निभाते हुए जगह जगह हरा चारा डाल जाते है। जिसे खाकर पशु अपनी भूख शांत करते हैं।
★ विभाग है उदासीन
इस पूरे मामले में अगर नगर निगम की मानें तो पिछले कुछ समय से संबंधित गाड़ियां खराब थी जिन्हे ठीक करवाने के निर्देश नगर आयुक्त जय भारत सिंह ने जारी किए थे। इसके बाद गाड़ियां तो ठीक हो गयी लेकिन कार्यवाही गति कब पकड़ेगी कुछ कहा नहीं जा सकता। सूचनाओं पर गौर करें तो पता चलता है कि हाल ही में नगर निगम द्वारा यह निर्देश भी प्रसारित करवाएं थे कि अगर पालतू गौवंश या पशु सड़कों पर पाए गए तो मालिक पर 5000 ₹ अर्थदंड लगाया जाएगा, जिसके बाद भी लोगों में कोई बदलाव नही आया।
हिमांशु सरीन की रिपोर्ट
शहर की सड़कों पर आवारा घूम रहे पशु दुर्घटना को आमंत्रित कर रहें है। बीते कुछ समय से ऐसे पशुओं की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। ऐसा ही कुछ आलम उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में देखने को मिल जाता है। यही नही राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी गोवंश निराश्रित अवस्था में मिलते है।
धर्मनगरी में सैकड़ों सामाजिक संस्थाएं होने के बाद भी गौवंश की सुध लेने वाला कोई नही है।
★ सेवक भी निभाते है अपना धर्म
बहरहाल एक ओर जहां लोग इन गौवंश को मतलब निकल जाने के बाद मरने के लिए सड़कों पर छोड़ देते है वहीं दूसरी ओर कुछ सेवक भी अपना धर्म पूरा करते दिखाई देते हैं। सड़क किनारे कूड़े में खाना ढूंढते गौवंश की स्थिति दयनीय तो है ही लेकिन कुछ लोग रात के अंधेरे में अपना फर्ज निभाते हुए जगह जगह हरा चारा डाल जाते है। जिसे खाकर पशु अपनी भूख शांत करते हैं।
★ विभाग है उदासीन
इस पूरे मामले में अगर नगर निगम की मानें तो पिछले कुछ समय से संबंधित गाड़ियां खराब थी जिन्हे ठीक करवाने के निर्देश नगर आयुक्त जय भारत सिंह ने जारी किए थे। इसके बाद गाड़ियां तो ठीक हो गयी लेकिन कार्यवाही गति कब पकड़ेगी कुछ कहा नहीं जा सकता। सूचनाओं पर गौर करें तो पता चलता है कि हाल ही में नगर निगम द्वारा यह निर्देश भी प्रसारित करवाएं थे कि अगर पालतू गौवंश या पशु सड़कों पर पाए गए तो मालिक पर 5000 ₹ अर्थदंड लगाया जाएगा, जिसके बाद भी लोगों में कोई बदलाव नही आया।

