यमुनोत्री धाम की यात्रा करने हज़ारों श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। लेकिन इस ख़ुशी के पल में दुखद खबरे भी सामने आ रहीं है। एक तीर्थयात्री की जानकी चट्टी पर ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई है। धाम की यात्रा के दौरान हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या 17 पहुंच गई है। लंबी पैदल यात्रा के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी होती है। पैदल यात्रा से अचानक शारीरिक तनाव भी बढ़ने लगता है। ऐसे में दिल के पुराने रोगी, उच्च रक्तचाप, डायबिटिज, धूम्रपान करने वाले, गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में अटैक की सम्भावना हो जाती है। यात्रियों को ईसीजी, ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करानी चाहिए। जिनकी हृदय की पंप कैपेसिटी 60 फीसदी से कमहै उन्हें भी हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है।
यमुनोत्री धाम में अब तक 17 श्रद्धालुओं की गई जान, जानिए क्या रखें सावधानी

