नई दिल्ली : सरकार ने 2000 रुपये के नोटों एक सर्कुलेशन बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद जहां एक ओर पैनिक कर रहे हैं वहीं पूर्व चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ कृष्णामूर्ति सुब्रमणियम ने सरकार के इस फैसले को सही बताया है। उन्होंने इसको सही बताने के पीछे के कारण बताए हैं। उन्होंने कहा कि 2000 रुपए के बड़े नोट को बंद करना सही कदम है। हालांकि, ये अभी भी लीगल टेंडर हैं। वहीं इन नोटों को बदलने के लिए आप 23 मई से इन्हे बैंक में जाकर बदल सकते हैं। और 30 सितंबर तक आप इन्हे बैंक में जमा कर सकते है ।
डॉ कृष्णामूर्ति सुब्रमणियम ने कहा कि कई जगहों पर रेड पड़ने पर 2000 के नोट बड़ी मात्रा में बरामद होते हैं। ऐसे में इन नोटों का सर्कुलेशन बंद होने से इनका गलत इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। उन्होंने 2000 रूपए के नोट को बंद करने के पीछे की कुछ और वजह भी बताई है। जैसे कि 2000 के नोट का सर्कुलेशन बंद होने से आम जनता को कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि आम जनता इन बड़े नोटों का इस्तेमाल बहुत ही कम करती है। वहीं 2000 के नोट का इस्तेमाल बहुत कम हो रहा था। लोग ज्यादातर डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
2000 के नोट बंद करने का फ़ैसला सही : पूर्व सीईए

