कानपुर देहात के मैथा तहसील की मड़ौली पंचायत के चाहला गांव में बड़ा हैवानियत का मामला सामने आया है जहा ग्राम समाज की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के होते हुए वहां झोपड़ी में माँ बेटी जलकर राख हो गयीं। दोनों को बचाने के प्रयास में गृहस्वामी व रुरा इंस्पेक्टर भी आग की चपेट में आ गए। मां-बेटी की मौत से आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया और लेखपाल पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया । भीड़ का गुस्सा देख टीम के लोग अपने वाहनों मौके पर छोड़कर भाग निकले वहीँ क्रोशितों ने एसडीएम, रुरा इंस्पेक्टर, लेखपाल व तहसीलदार व गांव के 10 लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की और शवों को वहा से नहीं उठने दिया। डीएम नेहा जैन सोमवार को अपने कार्यालय में जन सुवाई की थी और डीएम कार्यालय पहुंचे थे जहां मड़ौली गांव कुछ लोगों ने गांव के ही कृष्ण गोपाल दीक्षित उर्फ राघव की ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने की शिकायत दर्ज की थी ।
एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक के अलावा राजस्व और रुरा इंस्पेक्टर के साथ मौके पाए आए और वहा से टीम बुलडोजर से ग्राम समाज की जमीन से कृष्ण गोपाल का कब्जा हटवाना शुरू कर दिया। वहां रखी कृष्ण गोपाल की झोपड़ी में आग लग गई। उस वक्त घर में मौजूद कृ्ष्ण गोपाल की पत्नी प्रमिला (54) और बेटी शिवा (22) लपटों के बीच फंस गईं।
ग़रीबो का दर्द –वहा झुग्गी झोपड़ी वाले गरीब कहते तरहे साहब टाइम तो आप दे सकते हो, हम गरीब लोगों को सताना चाह रहे हो, बहुत वर्षों से यहां रह रहे हैं। अफसर बोले यह सरकारी जमीन है। जो माँ बेटी जाली उसमें एक बेटा भी था जो जब आग लगी तो बाहर आया लेकिन जब दुबारा माँ बहन को बचाने अंदर गया तो फिर दोनों के शरीर का वजन ज्यादा था और बचा नहीं सका।

