आज देशभर में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है अहोई अष्टमी का पर्व। बता दें कि अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। इस दिन माता पार्वती के अहोई स्वरूप की अराधना की जाती है। जानिये अहोई अष्टमी पूजा की पूजा विधि।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अहोई अष्टमी से 45 दिनों तक ‘ॐ पार्वतीप्रियनंदनाय नमः’ का 11 माला जाप करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि संतान कामना की इच्छा रखने वाले लोगों की भी इच्छा पूरी हो जाती है।
इस दिन महिलाएं तारों को अर्घ्य देती हैं. तारों के निकलने के बाद ही अपने उपवास को तोड़ती है। अहोई अष्टमी के दिन व्रत कथा सुनते समय 7 तरह के अनाज अपने हाथ में रखें और पूजा के बाद इस अनाज को किसी गाय को खिला दें। और पूजा करते समय बच्चों को अपने पास बिठाएं और अहोई माता को भोग लगाने के बाद वो प्रसाद अपने बच्चों को जरूर खिलाएं। इस पूजा में खास कर महिलाएं ज्यादा ध्यान दें। आज के दिन बिना स्नान किए पूजा-अर्चना ना करें। इस दिन महिलाओं को मिट्टी से जुड़े किसी तरह का कार्य करने से बचना चाहिए। और इस दिन काले, नीले या गहरे रंग के वस्त्र धारण न करें।
आज अहोई अष्टमी का त्यौहार ,जानिए पूजन विधि

