छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त अधिकारियों पर सरकार मेहरबान,जांच ठंडे बस्ते में 

आपको बतादें कि जिन भी अधिकारियों ने छात्रवृत्ति घोटाले में अपने हाथ पिले किए थे उनपर सरकार की रहमो करम हो रही है जी हाँ अब करीब दो दर्जन अधिकारियों पर चार राज्यों की सरकारें सहयोग में हैं। घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सरकारों से इनके खिलाफ कार्रवाई की अनुमति की मांग की है और एक साल से किसी भी सरकार ने कार्रवाई की अनुमति नहीं दे रही है।

ऐसे में 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज होने के बाद भी एसआईटी जांच अभी भी ठन्डे बस्ते में ही है।बीते वर्ष 2017 में सबसे अधिक चर्चा में रहे छात्रवृत्ति घोटाला में करीब 200 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों ने अपने यहां एससी-एसटी के छात्रों के फर्जी दाखिले दिखाकर समाज कल्याण विभाग से करीब 300 करोड़ से ज्यादा पैसा खाया और ये मामला सुर्खियों में आया तो वर्ष 2019 में उत्तराखंड सरकार ने एसआईटी का गठन भी किया। एसआईटी ने परत दर परत खोलनी शुरू की तो कई बड़ी मछलियों के नाम समक्ष आ  गए।

जिन नामों में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के सरकारी अधिकारियों के नाम भी सामने आए। इन सबके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 13 से ज्यादा मुकदमे हरिद्वार और देहरादून के थानों में दर्ज किए गए। कई अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन बहुत से अधिकारी अब भी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ एसआईटी ने कार्रवाई की अनुमति इन राज्यों की सरकारों से मांगी हुई है। करीब एक साल से भी ज्यादा का समय गुजर गया, लेकिन चारों राज्यों की सरकारों ने इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति नहीं दी है।

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