राष्ट्रपति कोविंद बोले-भारत के स्वतंत्रता संग्राम ने देश में लैंगिक समानता

तिरुवनंतपुरम : नारी का जहां सम्मान होता है,वहां देवता बसते हैं,यह रीत भारत में सर्वोपरी है। इसी धारणा को लेकरकेरल विधानसभा द्वारा तिरुवनंतपुरम  दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला विधायक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने भी इस आयोजन में उपस्थिति दर्ज की। इस स्तर में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लैंगिक समानता और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति करते हुए कई मील के पत्थर पार किए हैं, इसके बावजूद भी  महिलाओं के लिए वास्तव में स्वतंत्र समान स्थिति के सपनों को पूरी तरह से साकार करने के लिए अभी भी बहुत सारी चुनौतियां हैं। इस दिशा में सबको एकजुट हो कर राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने की सख्त जरूरत है। 

 भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में  केरल विधानसभा की मेजबानी में  देश में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय महिला विधायक सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा 26 मई को किया गया। उद्घाटन सत्र के  दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम ने देश में लैंगिक समानता की नींव रखी। उन्होंने उन महिलाओं के प्रेरणादायी योगदान को याद किया जिन्होंने उपनिवेशवाद से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया। उन्होने कहा कि महिलाएं जीवन के चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही हैं और कोविड महामारी से मजबूती से लड़ने में महिलाओं ने अपनी सूझबूझ दिखाई। उन्होंने कहा कि गांधी जी के कुशल नेतृत्व में असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में महिलाओं की उत्‍कृष्‍ट भागीदारी रही है।

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