गोरखपुर : कोरोना संक्रमण के खतरे से बचाव में कारगर टीका काफी हद तक फायदेमंद साबित हुआ है। लेकिन वयस्कों का ख़तरा जहाँ कम हुआ था लेकिन बच्चो के लिए इस वायरस का ख़तरा बढ़ता ही जा रहा है जिसको देखते हुए आज अच्छी खबर आई है कि 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों व किशोरों को कोरोनारोधी टीका लगाया जाएगा। बीमार, दिव्यांग बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर पहले टीका लगेगा। प्रदेश सरकार ने 12 से 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को जायकोव-डी टीका लगाने की मंजूरी दे दी है। यह टीका प्रदेश के गोरखपुर समेत 11 जिलों में लगना तय हुआ है।
देश में तीसरी लहर का खतरा बढ़ रहा है। महाराष्ट्र समेत कुछ प्रांतों में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। जिले में शून्य से लेकर 18 वर्ष से कम आयु के करीब 19 लाख से अधिक बच्चे व किशोर हैं। सबसे ज्यादा खतरा दो साल से लेकर 18 साल से कम आयु के उन किशोर व बच्चों को है, जो घर से बाहर खेलते हैं।आपको बतादें कि जिले में वयस्कों का टीकाकरण 16 जनवरी 2021 से संचालित है। इस टीकाकरण का तीसरा चरण 31 दिसंबर तक पूरा होगा। स्वास्थ्य विभाग को 35 लाख लोगों को टीके की पहली डोज लगाने का लक्ष्य मिला है। अब तक करीब 25 लाख 52 हजार लोगों को टीके की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 15 लाख लोगों को दोनों डोज लगाईं जा चुकी है।
एक बच्चे को लगेंगे तीन डोज
इस खबर में अपडेट है कि स्वास्थ्य विभाग ने कुछ समय पहले ही जायडस और कैडिला द्वारा बनाए गए कोरोना से बचाव के इंजेक्शन जायकोव-डी पर सहमति दी है। यह टीका 12 वर्ष से लेकर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लगाया जाएगा। इस टीके में एक बच्चे को इस टीके की तीन डोज दी जाएंगें।
कोरोना टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने इस विषय पर कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार टीका खरीद रही है। इस टीके को लगाने में किसी भी तरह का दर्द नहीं होगा। इसे लगाने को लेकर अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है। एक कार्यशाला शासन की तरफ से हुई थी, जिसमें वयस्कों को जायकोव-डी लगाने की ट्रेनिंग मिली।

