समाजवादी पार्टी और गठबंधन इस बार भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहा है और उत्तर प्रदेश की लगभग आधी सीटों पर शुरूआती रुझानों में बढ़त बनाए हुए है। 2014 में जब यूपी समेत पूरे देश में मोदी लहर थी, तब भाजपा ने यूपी में 71 सीटें जीती थीं। मतों में उसकी हिस्सेदारी 42.3 फीसदी रही। इस बार एनडीए का मुकाबला कांग्रेस नीत गठबंधन इंडिया से रहा। इसमें सपा के साथ ही ऐसे दल भी शामिल हैं, जो सियासी तौर पर जातीय समीकरणों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने में कामयाब नजर आ रहे हैं। आपको बतादें कि उत्तर प्रदेश से मिलीं ज्यादा से ज्यादा सीटें स्कोर कार्ड को बड़ा बनाती हैं और अगर यहां पर भाजपा को दिक्कत का सामना करना पड़ा तो स्पष्ट हो जाएगा कि पार्टी जितनी बड़ी जीत का दावा कर रही थी वह हासिल नहीं कर पाई। भाजपा को शायद इस बात पर ध्यान देना चाहिए था कि प्रचंड लहर के बावजूद 2014 में यूपी की 71 और 2019 में 62 सीटों के बिना भाजपा बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 272 को पार नहीं कर पाती।
बदलने को तैयार ही सियासी नक्शा, भाजपा को झटका देने को तैयार सपा-पढ़े ऐसा क्यों ?

