वर्ष में तीन बार माँ दुर्गा के नवरात्रि महापर्व को मनाया जाता है जिसमें से एक नवरात्रि गुप्त होते हैं। पूरे देश में इन दिनों माता रानी के पावन पर्व की धूम मची हुई है जो की बीती 7 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण का खतरा जहाँ कम हैं वहीँ मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का ताता लगना शुरू हो गया है। श्रद्धा पर संक्रमण का खतरा फीका पड़ता दिखाई दे रहा है। अवधि भारत में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक प्रासंगिकता है। इन दिनों में लोग मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की की पूजा अर्चना पूरी आस्था और विशवास के साथ करते हैं। पारंपरिक मान्यता है कि इन नौ दिनों में उपवास करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। हालाँकि सभी लोग अलग अलग तरह से व्रत को करते हैं कुछ लोग सिर्फ एक पहर में भोजन करके व्रत रखते लोग दो समय फलाहार करते हैं। लेकिन इसमें सबसे अहम्स्वा है कि क्या नवरात्री के ये नौ दिन का उपवास करना स्वास्थ्य के लिए उचित होता है या नहीं ? इसपर स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं ये हम आपको आज बताने जा रहे हैं। आपको बतादें कि नौ दिन उपवास करना जहाँ आस्था को दर्शाता है वहीँ इससे कई वैज्ञानिक लाभ हमें मिलते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो सभी लोगों को हफ्ते में एक दिन व्रत ज़रूर रखना चाहिए। चिकित्सक खुद इस बात की सलाह करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज और गर्भावस्था जैसी कुछ स्वास्थ्य परेशानियों को हटा दें तो अन्य सभी में नवरात्रि के व्रत रखने के तमाम प्रकार के स्वास्थ्य लाभ ही छुपे हुए हैं।
1-व्रत रखने से आंतों और लिवर को आराम मिलता है और शरीर का डिटॉक्सीफिकेशन भी होता रहता है।
2-व्रत रखना पाचन तंत्र के लिए बेहद अच्छा बताया गया है। हम चाहे जो भी खाए कही नार्मल खाना हो या जंक फ़ूड इसका हमारे पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है। नवरात्रि के दौरान उपवास रखने का एक लाभ यह है कि इससे पाचन तंत्र को जरूरी ब्रेक मिल जाता है।
3-उपवास रखने से मल त्याग को नियंत्रित करने और कब्ज की समस्या को सही होने में मदद मिलती हैं।
4-स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो उपवास, वजन घटाने में भी काफी कारगर साबित हुआ है।
5- आपको जानकार ख़ुशी होगी कि नवरात्रि व्रत में फल, कुट्टू के आटे के साथ तिल के लड्डू, आलू और दही का सेवन किया जाता है जिसमें सभी प्रकार के विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, स्वस्थ वसा और प्रोबायोटिक्स होते हैं जो कि हमारी हेल्थ के लिए लाभदायक तो होते ही हैं साथ ही आहार कैलोरी की मात्रा को कम करते हुए शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं।
6-उपवास की आदत, शरीर को उन सभी विषाक्त पदार्थों से डिटॉक्स करने में मदद करता है जो समय के साथ भोजन, पानी और वायु प्रदूषण के सेवन से जमा होते हैं। ये सूजन और कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।
7-उपवास रखकर शरीर से इन सभी विषाक्त पदार्थों को आसानी से बॉडी से बाहर आ जातें हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इसका समय-समय पर डिटॉक्सिफिकेशन होते रहना जरूरी होता है।
8- आपको बतादें कि जो भी मरीज़ इंसुलिन संबंधी समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य रोगी होते हैं उनके लिए रोगियों के लिए भी व्रत रखना बहुत लाभदायक है।
9 – व्रत रखने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में कमी होती है। साथ ही फास्टिंग स्वास्थ्य में सुधार करते हुए अवसाद और तनाव के जोखिम को भी कम करता है।
10-व्रत रखने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में भी मदद मिलती है ,जिससे शरीर में जमी अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है।

